असम में बाढ़ का कहर, गुवाहाटी समेत 12 जिले जलमग्न, 1.7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

असम में बाढ़ का कहर, गुवाहाटी समेत 12 जिले जलमग्न, 1.7 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

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Floods wreak havoc in Assam

गुवाहाटी। सोमवार को रात भर हुई भारी बारिश के कारण गुवाहाटी के कई हिस्सों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कई निचले इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मेघालय की पहाड़ियों से आने वाले पानी और वशिष्ठ नदी का जलस्तर बढ़ने से यह गंभीर स्थिति पैदा हुई है।

रविवार को असम में बाढ़ की स्थिति और भी बिगड़ गई। पूर्वी और ऊपरी असम में बाढ़ का पानी सैकड़ों गांवों में घुस गया है। बाढ़ की वजह से रेल संपर्क टूट गया है और हालात को काबू में करने के लिए सेना को बचाव कार्यों में तेजी लाते हुए ऑपरेशन जल राहत शुरू करना पड़ा है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, असम के 12 जिलों और 30 राजस्व मंडलों के 580 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे 1.7 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। 10,362 हेक्टेयर से अधिक की खड़ी फसल पानी में डूब गई है, जबकि कामरूप के कई हिस्सों से शहरी बाढ़ की खबरें भी सामने आई हैं।

सबसे ज्यादा प्रभावित जिले

शिवसागर, चराईदेव और जोरहाट जिलों में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। यहां लगातार हो रही बारिश ने बड़े भूभाग को जलमग्न कर दिया है, कम से कम दो तटबंध टूट गए हैं और कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। कुछ जगहों पर बाढ़ के पानी ने रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाया है, जिससे ट्रेन सेवाएं बाधित हुई हैं और ऊपरी असम में कनेक्टिविटी पर भारी असर पड़ा है।

गुवाहाटी में लगातार हो रही बारिश के बाद घरों में बाढ़ का पानी घुसने से बेड, सोफे, रसोई के उपकरण और अन्य जरूरी सामान बर्बाद हो गए हैं। पार्किंग क्षेत्रों और आंतरिक सड़कों पर जलभराव के कारण कई निवासियों को अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर ले जाने पड़े।

बाढ़ ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह बाधित कर दिया है। रविवार रात से ही कई परिवारों की रसोई में पानी भरा हुआ है, जिसकी वजह से वे खाना तक नहीं बना पाए हैं। सुबह से ही लोग बाल्टियों और पंपों का उपयोग करके अपने घरों से पानी निकालने और अपने सामान को बचाने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं।

सेना का ऑपरेशन जल राहत

स्थिति बिगड़ने पर भारतीय सेना ने मोर्चा संभालते हुए असम राइफल्स के साथ मिलकर प्रभावित जिलों में खोज और बचाव कार्यों के लिए कई टुकड़ियां तैनात की हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने भी अपने अभियान तेज कर दिए हैं। शिवसागर और चराईदेव में 24 नावें तैनात की गई हैं, जबकि फंसे हुए निवासियों को सुरक्षित निकालने के लिए 10 नावों से लैस दो अतिरिक्त टीमों को सेवा में लगाया गया है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रशासन चौबीसों घंटे स्थिति की निगरानी कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों अजंता नियोग, बिमल बोरा, केशव महंत और सुशांत बोरगोहेन को बाढ़ प्रभावित जिलों में तुरंत पहुंचने का निर्देश दिया है।

उन्हें बचाव और राहत कार्यों की निगरानी करने और हर प्रभावित परिवार तक समय पर सहायता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। फंसे हुए लोगों को निकालने के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर राहत सामग्री भी तेजी से पहुंचाई जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि ब्रह्मपुत्र बेसिन में भारी बारिश जारी रहने के कारण अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होंगे। बचाव एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और बाढ़ का पानी बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त बलों को तैनात करने के लिए तैयार रखा गया है।

स्थानीय निवासियों ने बताया अपना दर्द

गुवाहाटी के एक निवासी ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि हमें हर मानसून में इस स्थिति का सामना करना पड़ता है। जब भी लगातार बारिश होती है, पानी हमारे घरों में घुस जाता है। यह बच्चों, बुजुर्गों और यहां तक कि पालतू जानवरों के लिए भी बहुत मुश्किल हो जाता है।

हमारी रसोई में पानी भरा है, इसलिए हम आज सुबह खाना नहीं बना सके। तड़के से ही पूरा परिवार घर से पानी निकालने में जुटा है। ज्यादातर बाढ़ का पानी मेघालय की पहाड़ियों से आता है, और जब वशिष्ठ नदी का जलस्तर बढ़ता है, तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है।